कलेक्टर जनदर्शन में गूंजा भ्रष्टाचार का मामला: मुड़पार सचिव पर रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने की हटाने की मांग,,,

Corruption case resonated in Collector’s public hearing: Mudpar Secretary accused of bribery and misuse of position, villagers demanded his removal.,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़-बिलाईगढ़ :- आज दिनांक 16 जून 2026 को जिला मुख्यालय में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में आज ग्राम पंचायत मुड़पार (स) के ग्रामीणों ने पहुंचकर जमकर आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव छतराम साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार, खुलेआम रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर महोदया को शिकायती पत्र सौंपा है, उप सरपंच और पंचों की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने सचिव को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Corruption case resonated in Collector’s public hearing: Mudpar Secretary accused of bribery and misuse of position, villagers demanded his removal.


निजी आवास से सरकार चलाने का आरोप, दफ्तर से नदारद रहते हैं सचिव :-
कलेक्टर जनदर्शन में सौंपे गए आवेदन (टोकन क्रमांक – 2310126002156) में ग्रामीणों ने बताया कि सचिव  छतराम साहू की कार्यप्रणाली और व्यवहार आम जनता के प्रति अत्यंत निराशाजनक है। वह शासकीय कार्यों के लिए निर्धारित पंचायत भवन में न बैठकर अपने निजी घर से काम करते हैं। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, सुधार कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को पंचायत कार्यालय के बजाय उनके घर चक्कर काटने पड़ते हैं। इस मनमानी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गांव के बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
हर प्रमाण पत्र और योजना के लिए तय है रिश्वत की ‘रेट लिस्ट’ :-
पेंशन :- बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बनवाने के लिए 1500 रुपए की मांग की जाती है।
राशन कार्ड :- नया राशन कार्ड बनाने के एवज में 4,000 रुपए ऐंठे जा रहे हैं। वहीं, 10 किलो मिलने वाले राशन को नियमानुसार 35 किलो करवाने के लिए 3000 रुपए से 3500 रुपए तक मांगे जा रहे हैं।
मृत्यु प्रमाण पत्र :- गांव की एक मृतिका श्रीमती कौशिल्या साहू का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए 3000 रुपए की मांग की गई है, जिसके कारण पिछले 4 महीनों से उनका प्रमाण पत्र अटका हुआ है।
शराब पीकर आने का आरोप :-
ग्रामीणों ने यह भी संगीन आरोप लगाया है कि सचिव जब भी गांव आते हैं, तो अक्सर शराब के नशे में रहते हैं, जिससे पंचायत की मर्यादा भी तार-तार हो रही है।
बिना पैसे हस्ताक्षर करने से साफ इनकार :-
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की आदत इस कदर बिगड़ चुकी है कि वे बिना रिश्वत लिए किसी भी वैध सरकारी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर देते हैं। यदि कोई हस्ताक्षर के लिए दबाव बनाता है, तो उसे सीधे अपने घर आने को कहते हैं।
उप सरपंच और पंचों सहित बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण :-
सचिव की इस तानाशाही के खिलाफ ग्राम पंचायत मुड़पार (स) के उप सरपंच राजेश कुमार, पंच मिथिलेश, मुकेश सहित गांव के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं (यात्री साहू,गीतु साहू, धनेश्वरी टंडन, सीता बाई, नीरा, कमला बाई, मोहन बाई, प्रियंका, लोकेश्वरी, बबली आदि) अंगूठे के निशान और हस्ताक्षरों के साथ जिला कार्यालय पहुंचे थे।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि :- यदि ऐसे भ्रष्ट सचिव पर जल्द कार्रवाई कर उन्हें सेवा से मुक्त नहीं किया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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