बड़ा फर्जीवाड़ा: कोतरी में राशन दुकान संचालक 76 महीनों से वसूल रहे थे शक्कर के अतिरिक्त दाम; RTI लगी तो बांटने लगे चॉकलेट,,,

Major fraud: Ration shop operators in Kothari had been charging extra for sugar for 76 months; after an RTI was filed, they started distributing chocolates.,,,


ग्राम कोतरी के सजग नागरिक ने जिला कलेक्टर से की लिखित शिकायत, समूह का लाइसेंस निरस्त करने और रिकवरी की मांग,,,
“`मुख्य बिंदु :-
1. शासन की तय दर 17 रुपए के बजाय ग्रामीणों से वसूले जा रहे थे 20 रुपए प्रति किलो।
2. शिकायतकर्ता ने लगाई RTI, तो बचने के लिए समूह ने निकाला ‘चॉकलेट फॉर्मूला’।
3. पिछले 6 साल से अधिक समय से चल रहा था अवैध वसूली का यह खेल।

`सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोतरी में शासकीय उचित मूल्य दुकान (कंट्रोल) के संचालन में एक बड़े फर्जीवाड़े और ग्रामीणों से ठगी का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ संचालित ‘सत्या महिला स्व-सहायता समूह’ (दुकान आई.डी. 412003058) पर पिछले 76 महीनों (6 वर्ष से अधिक) से गरीब राशन कार्डधारियों से शक्कर के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब गाँव के ही एक जागरूक नागरिक राजकुमार ने साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर में शिकायती पत्र सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
17 रुपये की शक्कर  20 रुपए में, अब तक लाखों की चपत :-
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, शासन के नियमानुसार अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को 17 रुपए प्रति किलो की दर से शक्कर का वितरण किया जाना तय है। लेकिन उक्त समूह द्वारा नियमों को ताक पर रखकर पिछले लगभग 76 महीनों से ग्रामीणों से 20 रुपए प्रति किलो की दर से जबरन वसूली की जा रही थी। प्रति किलो 3 रुपए की यह अवैध वसूली देखने में भले ही छोटी लगे, लेकिन पूरे गाँव के राशन कार्डधारियों के हिसाब से पिछले 6 सालों में यह राशि लाखों रुपये की ठगी में तब्दील हो चुकी है।
RTI का चला बाण, तो बचने के लिए अपनाया ‘चॉकलेट फॉर्मूला’:-
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता राजकुमार ने खाद्य विभाग में सूचना का अधिकार (RTI)के तहत इस वितरण और वसूली की जानकारी मांगी।
“जैसे ही समूह को RTI लगने की भनक मिली, उन्होंने अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए एक नया और अजीबोगरीब पैंतरा अपना लिया। पिछले 2-3 महीनों से समूह के लोग ग्रामीणों से 20 रुपए तो ले रहे हैं, लेकिन कागजी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए शक्कर के साथ 3 रुपए की कीमत की 2 चॉकलेट जबरन थमा रहे हैं।“
राजकुमार, शिकायतकर्ता (ग्राम कोतरी) :-

ग्रामीणों का कहना है कि यह कृत्य सीधे तौर पर खाद्य विभाग के नियमों का मखौल उड़ाना और अपनी चोरी को छुपाने का अनैतिक प्रयास है।
ग्रामीणों के बयान और साक्ष्य तैयार, लाइसेंस निरस्त करने की मांग :-
शिकायतकर्ता और कोतरी के ग्रामीणों के पास इस अवैध वसूली के मौखिक, लिखित साक्ष्य मौजूद हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि गरीब परिवारों के हक के राशन पर इस तरह डाका डाला जा रहा है।
कलेक्टर से की गई मुख्य मांगें :-
1. उक्त राशन दुकान/समूह के पिछले 6 वर्षों के रिकॉर्ड्स और वितरण प्रणाली की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
2. पिछले 76 महीनों में ग्रामीणों से की गई अतिरिक्त वसूली (3 रुपए प्रति किलो) का पूरा हिसाब कर हितग्राहियों को पैसा वापस दिलाया जाए।
3. दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करते हुए ‘सत्या महिला स्व-सहायता समूह’ का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

RECENT ARTICLES

Most Popular