Satnami Vikas Parishad, Sarangarh, organized a career guidance and library introduction program; experts shared their success tips.,,,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के तत्वावधान में सतनाम भवन, कुटेला में एक भव्य एवं अत्यंत प्रेरणादायक कैरियर गाइडेंस एवं पुस्तकालय परिचय कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। यह विशेष कार्यक्रम इस वर्ष कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर चुके और वर्तमान में महाविद्यालयों (कॉलेजों) में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष आदरणीय बी. डी. भारद्वाज ने की।

इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, आधुनिक रोजगार के अवसरों और उज्ज्वल कैरियर निर्माण के संबंध में सटीक व सही मार्गदर्शन प्रदान करना था, ताकि वे बदलते समय के साथ कदम से कदम मिला सकें।

नामचीन विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव; लक्ष्य निर्धारण और अनुशासन पर दिया जोर :-
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता और कैरियर मार्गदर्शक के रूप में समाज के उन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट और अनुकरणीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
डॉ. के. डी. खरे (MBBS, MS, M.Ch. Urology)* तथा डॉ. लीना पुराइन खरे (MBBS, MS, Obs & Gyn, FMAS, DMAS) ने चिकित्सा के क्षेत्र में अपार संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, कठिन परिश्रम और अनुशासित रहकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
विनोद कोशले (संविधान विशेषज्ञ) ने कैरियर मार्गदर्शन के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अचूक तरीके बताए और देश के कानून व प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जागरूक किया।
सभी वक्ताओं ने एक सुर में विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, जीवन में वैज्ञानिक सोच अपनाने तथा भारतीय संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
‘शिक्षा ही उत्थान का मार्ग’: बाबा साहेब के संदेशों को किया याद :-
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युगपुरुष बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के प्रेरक संदेशों और जीवन संघर्ष का विशेष रूप से उल्लेख किया। मंच से कहा गया कि:
“शिक्षा ही वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेगा। शिक्षा ही समाज के उत्थान, आर्थिक समृद्धि और सशक्तिकरण का सबसे सशक्त और प्रभावी माध्यम है। यदि समाज को आगे बढ़ाना है, तो युवाओं को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होना ही होगा।”
सतनाम भवन में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘पुस्तकालय’ की सौगात :-
विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए सतनामी विकास परिषद द्वारा एक और सराहनीय कदम उठाया गया है। परिषद ने सतनाम भवन, कुटेला में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट, प्रामाणिक और अत्यंत उपयोगी पुस्तकों की व्यवस्था की है।
इस पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज के उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक तंगी या संसाधनों के अभाव में महंगी किताबें नहीं खरीद पाते। परिषद ने समाज के सभी अभिभावकों और युवाओं से इस डिजिटल युग में भी पुस्तकालय का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा भविष्य में होने वाले ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
गरिमामयी रही प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति :-
इस शैक्षणिक महाकुंभ में समाज के कई सेवानिवृत्त अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने विशेष अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और युवाओं का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
सेवानिवृत्त उपसंचालक कर्मन खटकर, सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी सी.एस. सांडे, प्रख्यात अधिवक्ता ऊधो राम कोशले, विनोद भारद्वाज, राम कुमार कोशले।
महिला उपाध्यक्ष भानु प्रभा जोल्हे, नंद राम सुमन, त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष बुंद राम कोशले।
टी.आर. जांगड़े, शंकर जांगड़े, रोहित निराला, राजेश जांगड़े, बिसेसर खरे, बाबू लाल जांगड़े, सुरेश अनंत, कामेश्वर वारे,देव प्रकाश जोल्हे, विजय हिरवानी, कमल बर्मन, अरुण लक्ष्मे, शोभा राम लक्ष्मे सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के अध्यक्ष बी. डी. भारद्वाज ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज हित में ऐसे शैक्षणिक आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
