Attack on the fourth pillar of democracy will not be tolerated: REO who assaulted a journalist in Sarangarh-Bilaigarh suspended,,,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिले में सरकारी तंत्र की हठधर्मिता और पत्रकार के साथ हुई अभद्रता के मामले में प्रशासन ने एक नजीर पेश की है। किसान की समस्या को लेकर जानकारी लेने गए पत्रकार पोश राम साहू के साथ मारपीट करने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (REO) प्रवीण पटेल को जिला कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

विवाद की जड़: किसान की समस्या और अधिकारी का आक्रोश :-
घटनाक्रम के अनुसार, कुछ दिन पूर्व पत्रकार पोश राम साहू एक पीड़ित किसान की ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ न मिलने की शिकायत को लेकर जिला कृषि कार्यालय पहुंचे थे। पत्रकार का उद्देश्य केवल योजना में आ रही तकनीकी बाधाओं या विलंब के कारणों पर चर्चा करना था।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, चर्चा के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण पटेल अचानक अपना आपा खो बैठे। शालीनता की सीमाओं को लांघते हुए अधिकारी ने पत्रकार के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी कर दी। एक सरकारी कार्यालय के भीतर पत्रकार पर हुए इस हमले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
पत्रकार संगठनों का आक्रोश और लामबंदी :-
इस घटना के बाद से ही जिले के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त था। मामले ने तब तूल पकड़ा जब अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के सदस्य सक्रिय हुए। आज समिति के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर एक स्वर में दोषी अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। संगठनों का स्पष्ट कहना था कि यदि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों के साथ सरकारी दफ्तरों में ऐसी घटनाएं होंगी, तो जनता की आवाज कौन उठाएगा?
कलेक्टर संजय कन्नौजे का त्वरित एक्शन :-
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर संजय कन्नौजे ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद, कलेक्टर के कड़े निर्देश पर उप संचालक कृषि विभाग (DDA) ने निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश के तहत प्रवीण पटेल (REO) को उनके पद से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासनिक संदेश और जनप्रतिक्रिया :-
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के पत्रकार जगत में संतोष की लहर है। इसे केवल एक निलंबन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य बिंदु :-
कार्यवाही :- आरोपी REO प्रवीण पटेल निलंबित।
कारण :- पत्रकार पोश राम साहू के साथ कार्यालय में मारपीट और अभद्रता।
माध्यम :- अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की सक्रियता और कलेक्टर का निष्पक्ष निर्णय।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता या पद के मद में चूर होकर कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, और जनसेवकों को जनता व मीडिया के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करना अनिवार्य है।
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
