25 लाख बनाम 5 लाख: पत्रकार भवन पर संग्राम, ‘प्रेस क्लब’ नहीं ‘पत्रकार सदन’ की उठी मांग,,,

25 lakhs vs 5 lakhs: Battle over Journalist Bhawan, demand for ‘Journalist House’ instead of ‘Press Club’,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिले में पत्रकारों के भवन निर्माण को लेकर घमासान तेज हो गया है। एक ओर अरुण साव द्वारा अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति को 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, वहीं दूसरी ओर प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा प्रेस क्लब को 5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले के पत्रकारों के बीच असंतोष और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना दिया है।

25 lakhs vs 5 lakhs: Battle over Journalist Bhawan, demand for ‘Journalist House’ instead of ‘Press Club’,,,


अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के सदस्यों ने डिप्टी सीएम का आभार जताते हुए कलेक्टर संजय कन्नौज से भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि 25 लाख की स्वीकृति राशि का सम्मान करते हुए उन्हें पर्याप्त जमीन दी जानी चाहिए, ताकि एक भव्य पत्रकार भवन का निर्माण हो सके।
वहीं, दूसरी तरफ कलेक्टर द्वारा प्रेस क्लब को 5 डिसमिल भूमि आवंटित कर दी गई है, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया है। जब इस विषय पर समिति के जिला अध्यक्ष नरेश चौहान ने कलेक्टर से चर्चा की, तो उनका कहना था कि “कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में सिर्फ 5 डिसमिल जमीन देना ही संभव है, जो आवंटित की जा चुकी है।”
इधर, श्रमजीवी पत्रकार संघ ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। संघ के प्रवक्ता मुकेश साहू ने कहा :- कि भवन किसी एक संगठन के नाम पर नहीं, बल्कि “पत्रकार सदन” के नाम से बनाया जाना चाहिए, ताकि जिले के सभी पत्रकारों को समान रूप से लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे 5 लाख की राशि हो या 25 लाख की स्वीकृति, दोनों ही जनप्रतिनिधियों का सम्मान है, लेकिन भवन का स्वरूप सर्वसमावेशी होना चाहिए। यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज का केंद्र बने।
जिला अध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा :- उनकी समिति लगातार पत्रकार हित में कार्य कर रही है, हर वर्ष बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर उत्कृष्ट पत्रकारों का सम्मान भी किया जाता है। ऐसे में 25 लाख की राशि केवल एक संगठन के लिए नहीं, बल्कि पूरे जिले के पत्रकारों के लिए है।

मामला पहुंचा न्यायालय तक :-

पत्रकार भवन को लेकर विवाद अब न्यायालय की दहलीज तक पहुंच चुका है। एक ओर 25 लाख की बड़ी स्वीकृति, दूसरी ओर 5 डिसमिल जमीन का सीमित आवंटन—इन दोनों के बीच संतुलन कैसे बनेगा, यह अब प्रशासन और न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।

अब नजरें कलेक्टर के फैसले पर :-

पूरे मामले में अब सभी की निगाहें कलेक्टर संजय कन्नौज के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। क्या 25 लाख की राशि के अनुरूप जमीन आवंटित होगी? क्या “प्रेस क्लब” की जगह “पत्रकार सदन” बनेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में तय करेंगे कि सारंगढ़ में पत्रकारों का भविष्य किस दिशा में जाएगा। इस मौके पर नरेश चौहान जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, देवराज दीपक कार्यकारी जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, गोल्डी नायक जिलाध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ, दीपक थवाईत जिलाध्यक्ष प्रेस क्लब व सभी संगठनों के सभी सदस्य मौजूद रहे ।

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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