शासन के आदेश को दरकिनार कर शा. उच्च. माध्य. विद्यालय गोबरसिंहा के प्रभारी प्राचार्य अंगद की तरह पैर जमाए,आखिर किसकी छत्रछाया,,,?

Ignoring the government’s order, the principal in charge of Government Higher Secondary School Gobarsingha has established himself like Angad, under whose protection?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- यूं तो हर कोई विद्यालय को शिक्षा के मंदिर रूपी मानते हैं लेकिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोबरसिंहा में चरितार्थ कहावत को झुठलाते हुए उक्त विद्यालय में वर्ष 2011 से ही प्रभारी प्राचार्य को कुर्सी की लालच कहां से कहां तक ले आया है आप सभी लोगों को आगे इस खबर के माध्यम से अवगत कराते हैं और उक्त मामले में वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने ही आदेश को अपने आप कैसे पलीता लगाएं हैं…..?

Ignoring the government’s order, the principal in charge of Government Higher Secondary School Gobarsingha has established himself like Angad, under whose protection?

आंखिर कौन हैं यह रशुखदार और राजनैतिक वर्चस्व कायम रखने वाले प्रभारी प्राचार्य…… पड़ने वाले सभी लोगों को बहुत ही ज्यादा आश्चर्य हो रहा होगा कि आंखिर यह प्रभारी प्राचार्य कौन है और कैसे लिखा गया है इनके बारे में, तो आइए जानते हैं यह प्रभारी प्राचार्य भुवनेश्वर प्रसाद नायक व्याख्याता (एलबी) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोबरसिंहा में वर्ष 2011 से उक्त विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के पद पर आसीन हैं और वर्तमान समय में विगत माह की 31/08/2024 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ डीईओ के हस्ताक्षर से एक आदेश जारी किया गया है

जिसमें शासन द्वारा अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी किया गया है जिसमें अजगर की तरह कुर्सी पर बैठे हुए प्रभारी प्राचार्य भुवनेश्वर प्रसाद नायक का नाम सूची में 13012 में शामिल है और उसी विद्यालय में पदस्थ श्री सुरेन्द्र कुमार साहू व्याख्याता (एलबी) का नाम सूची में 5065 में शामिल है इसलिए वरिष्ठता सूची के आधार पर सुरेन्द्र कुमार साहू को प्रभारी प्राचार्य के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है लेकिन उक्त आदेश को ठेंगा दिखाते हुए लंबे अरसे से कुर्सी पर बैठे प्रभारी प्राचार्य भुवनेश्वर प्रसाद नायक द्वारा प्रभार सौंपने के बजाय आगामी 02/09/2024 को अपनी राजनैतिक वर्चस्व और रशुखदारी दिखाते हुए शाला प्रबंधन समिति व अन्य लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर एक आवेदन पत्र तैयार किया गया है जिसमें यह लिखा है कि भुवनेश्वर प्रसाद नायक विगत 2011 से ही इस विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं और इनके कार्यकाल में कक्षा 10 वीं में लगभग 98% और कक्षा 12 वीं में लगभग 95% परिणाम आया है तथा इनके कार्यकाल में रहते हुए न ही किसी पालक या अन्य किसी भी प्रकार से कोई शिकायत हुई है इसलिए जब तक इस विद्यालय में पूर्णकालिक प्राचार्य की नियुक्ति नहीं किया जाता है तब तक इन्हें ही इस विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य के पद पर बने रहेंगे ऐसा निवेदन किया गया है जिस आवेदन पर दो दिन पहले आदेश जारी करने वाले डीईओ ने उसी आवेदन पर लिख दिया कि प्राचार्य यथास्थिति बनाए रखें आंखिर ऐसी क्या मजबूरी आन पड़ी कि जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने ही लिखित आदेश को ठेंगा दिखाते हुए दो दिन बाद ही प्राचार्य यथास्थिति बनाए रखें ऐसा लिखा…….???

इस विद्यालय में शासन से प्राप्त अनुदान राशि में लाखों रुपए की हेराफेरी………? सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इस मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि जबसे उक्त विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य भुवनेश्वर प्रसाद नायक पदस्थ हैं तबसे लेकर आज पर्यंत तक शासन द्वारा जारी किए गए कई प्रकार के मद की राशि का बंदरबांट कर लिया है और जब इस मामले की भनक नागरिकों को लगी तो उनमें से एक आदमी ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी तो उसको यह कहकर बरगलाया गया कि आप हमारे शाला प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों के सामने आकर जनकारी प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि उनकी अनुमति के बिना जानकारी प्रदान करना संभव नहीं है इसलिए आप अपने हिसाब से ही सोचिए और समझने की कोशिश करेंगे कि आँखिर उक्त विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य भुवनेश्वर प्रसाद नायक द्वारा सही एवं सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है कि नहीं…..?

मामले को लेकर कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से हुई लिखित शिकायत…… उक्त मामले को लेकर विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के पालक सहित अन्य गणमान्य लोगों द्वारा आज जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधीश और डीईओ कार्यालय में लिखित रूप से शिकायत किया गया है। बहरहाल इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जांच कमिटी गठित कर जॉच कराई जाती है कि फिर अन्य मामलों की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है यह देखना दिलचस्प होगा…….???।

इस मामले को लेकर अभी कई तरह के राज परत दर परत खोलकर आप सभी लोगों तक पहुंचाया जाएगा कृपया इस खबर पर नजर बनाएं रखिए कि इस प्रभारी प्राचार्य के पद पर रहते हुए किस तरह की और क्या क्या घटना हुआ और आंखित क्यों एक छात्र को शिक्षा सत्र दौरान ही स्थानांतरण प्रमाण पत्र दिया गया था……???

भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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