सारंगढ़ :- सारंगढ़ जनपद पंचायत में कोई कितना भी भ्रष्टाचार कर ले या घोटाला कर लाखो खा जाए उनका कभी कुछ नहीं होगा और नहीं होने की सबसे बड़ी वजह है विभाग से जुड़े अधिकारी और उसके शासकीय कर्मचारी क्योंकि उन्हें कभी दिखता ही नहीं है

अगर आप उसे आंखो देखा हाल सुनाय या उन्हे उसकी पूरी वीडियो फिर भी कभी उनके नहीं लगता कि गलत हो रहा है ऐसा ही मामला अभी अभी लाखो रुपए का भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जनपद से जुड़े अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया अधिकारी ही सबसे ज्यादा भ्रष्ट हो चुके है जिनकी वजह से आज सारंगढ़ में भ्रष्टाचार इतना बढ़गया है जिसकी कोई सीमा नहीं ।

मनरेगा में जेसीबी मशीन से काम करवाते अधिकारी खुद वीडियो देख लिए फिर भी कोई कार्यवाही नहीं :-
जनपद पंचायत सारंगढ़ से महज 10 से 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सिलयारी जहा लगभग 9 लाख रुपए से अधिक की राशि मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण कार्य स्वीकृत हुआ ,जिसे सरपंच , सचिव के मिलीभगत से रात के अंधरे में जेसीबी मशीन और ट्रेक्टर से कार्य करवाया है , खबर के माध्यम बताया गया

अधिकारी तक वीडियो को देख लिए उसके बावजूद भी अभी तक किसी प्रकार का उचित कार्यवाही के लिए ठोस कार्यवाही नहीं किया गया ।रात के अंधेरे में मशीन और ट्रेक्टर से कार्य करवाते है और जैसा ही सवेरा होता है ग्रामीणों द्वारा दिखावा का कार्य करवाना चालू कर देते है खबर प्रकाशित होने के बाद जनपद के एक कर्मचारी ने तालाब का निरीक्षण किया गया जिसमे उन्हे साफ तौर पर मशीन के पहिए और ट्रेक्टर के पहिए का निशान साफ साफ देखा गया इतना ही नहीं सिर्फ पहिए ही नहीं बल्कि मशीन से किए हुए काम की गहराई और उसकी दाती से खोदे गए निशान भी साफ दिखाई दिया होगा लेकिन उसके बाद भी अधिकारियों को गलत नहीं लगा य फिर उन्हे खुद छुपाने की कोशिश कर रहे है।
मनरेगा कर्मियों के हड़ताल में जाने से जेसीबी में तालाब गहरीकरण :-
अभी विगत दिनों से मनरेगा कर्मियों का हड़ताल में होने से काम ना रुके कहकर शासन से काम चालू रखने का आदेश जारी हुआ था जिसको सभी जिला स्तर से ब्लाक स्तर के अधिकारी ने मिलकर काम को सुचारू रूप से संचालन करना है जिसमे जनपद पंचायत सीईओ के साथ सब इंजीनियर को काम सौंपा था मनरेगा कर्मियों की जगह काम की देख रेख़ करेगे जैसे ही उन्हे सौंपा गया अधिकांश जगहों पर मशीन से काम करवाना शुरू हो गया हड़ताल का खूब फायदा उठाएं इंजीन्यर से लेकर जनपद के उच्चाधिकारी तक मानो उनकी आंखो के सामने मशीन चलने पर कार्यवाही नही किया गया ,क्या उन्हे नहीं पता अगर पता नहीं तो वीडियो से खबर प्रकाशित किया गया किन्तु अधिकारियों की माने तो मशीन और ट्रेक्टर से कार्य होने पर इंजिन्यार साहब किस तरह के मूल्यांकन करते है ये जांच का विषय है क्या जेसीबी से कार्य कराने पर पूरा मूल्यांकन करेगे इंजीनियर साहब ????
भ्रष्ट्राचारियो को,,,,
जब तक तोड़ेंगे नही, तब तक छोड़ेंगे नही
कलम का बादशाह✍️
