Patwari should work himself while staying in the headquarters, it is illegal to work at home through brokers or assistants – SDM Monika Verma,,,,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- सारंगढ़ एसडीएम मोनिका वर्मा के एक आदेश से रिश्वतखोर पटवारियों के होश पाख्ता हो गए हैँ, वहीं प्रत्येक किसानों के माथे पर सुकून की लकीर उभर गयी है। दरअसल एसडीएम सारंगढ़ ने अपने आदेश मे कहा है कि विगत दिनों आम लोगों और सोशल मीडिया तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शिकायत प्राप्त हो रही है कि हल्का पटवारियों के द्वारा गरीब किसानो से हर काम के बदले पैसा वसूली किया जा रहा है पर्चा विभाजन, नामान्तरण, फौती दुरूरती एवं कुछ दिनो पहले धान पंजीयन के लिए रकबा दुरुस्ती के लिए गरीब किसानो से खूब पैसा वसूली किया गया है। पैसा वसूली के लिए पटवारियों के द्वारा हल्का क्षेत्र में गांव एवं क्षेत्र के रसूखवार लोगों को दलाल रखे हुए है जिनके पास पटवारी के सभी प्रकार के आईडी पासवर्ड नक्शा व अन्य रिकार्ड रहता है। इन्ही दलालो के माध्यम से मोटी राशि वसूल की जाती है। वसूली के लिए जो लोग है वे रसूखदार और क्षेत्र के नामवार लोग है इसलिए डर के कारण इन लोगो का शिकायत किसान लोग नही कर रहे हैं। अतएव उपरोक्त के संबंध में निर्देशित किया जाता है कि हल्का पटवारियों द्वारा अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर कार्य संपादित किया जाए किसी अन्य व्यक्ति (जो शासकीय सेवक नहीं है) के माध्यम से शासकीय कार्य संपादित न कराया जाये और न ही फिसानों की उनके कार्य के लिए अनावश्यक घुमाया जाए।

उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए तथा आपको निर्देशित किया जाता है कि आप अपने क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हल्का पटवारियों के संबंध में इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि पटवारी द्वारा स्वयं अपना काम मुख्यालय अथवा शासकीय भवन में उपस्थित रहकर संपादित किया जाता है शासकीय कार्य हेतु किसी प्रकार का दलाल / बाहरी व्यक्ति नहीं रखा गया है।
बरमकेला सरिया तहसील अंतर्गत कार्यरत अपने पसंदीदा हल्के में ही काम करना चाहते हैं…… इस मामले में यदि हकीकत से रूबरू कराया जाए तो एक अनोखा मामला सामने आया है कि यहां लम्बे समय से पदस्थ पटवारी अपनी पहुंच और पैसों के बल पर अपने अपने पसंद और हिसाब से ही हल्का पटवारी चयन कर रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण है सरिया तहसील अंतर्गत एक हल्का में एक पटवारी को आदेशित किया गया था लेकिन उस पटवारी ने आदेश धज्जियां उड़ाते हुए उस हल्के में ज्वाइन तक नहीं किया और फिर मेडिकल देकर छुट्टी पर चले गए थे इसलिए आनन फानन में दुसरे पटवारी को उस हल्के का प्रभार दिया गया है।
एक पटवारी ऐसा है जो मौका देखने के लिए दो हजार लेता है…… इस मामले में एक पटवारी ऐसा भी है कि किसानों को अपने जमीन को किसी कारण वश जमीन बेचने होते हैं तो वे पटवारी के पास जाते हैं तो वो साहब बोलते हैं कि जमीन को देखने जाना पड़ेगा इसलिए दो हजार रूपए पहले जमा कीजिए उसके बाद मौका देखने जाऊंगा और उसके बाद बिक्री नकल के अलग से पैसे देना होगा।
बहरहाल अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर जब एसडीएम महोदया ने आदेश जारी कर दिया है लेकिन इस पर अमल कितने पटवारी करते हैं….?इसके अगले अंक में तहसील कार्यालय में पिछ्ले चार पांच वर्षों से कैसे और किसके सह पर कार्य कर रहे हैं उसकी पूरी कहानी जिसे आप सभी लोगों को जानकर आश्चर्य होगी……?
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
