सड़कों पर बैठे मवेशी, हादसों का अम्बार, जीतू जोल्हे भाजयुमो अध्यक्ष भेड़वन गुड़ेली, आखिर जिम्मेदार हैं कहां,,,,,

Cattle sitting on the roads, a plethora of accidents, Jeetu Jolhe BJYM president Bhedvan Gudeli, after all, where is he responsible?


_____शहर की मुख्य सड़कों आम रास्तों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहने से वाहन चालकों सहित राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे हर रोज कही न कही दुर्घटनाएं घट रही हैं। यातायात काफी खतरनाक हो गया है।


सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- सारंगढ़ बिलाईगढ़ के सभी मुख्य मार्ग पर मवेशियों का जमावड़ा यातायात के लिए एक बड़ी समस्या बन गई। दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी इस मार्ग के विभिन्न गांव एवं शहरी क्षेत्र में सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है जिसके कारण यातायात काफी खतरनाक हो गया है। शहर की मुख्य सड़कों आम रास्तों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहने से वाहन चालकों सहित राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे कई दुर्घटनाएं को अंजाम दे चुका हैं।


मुख्य सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही है परंतु शाशन प्रसाशन द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है और मवेशियों का जमावड़ा हटने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारी हो कि लोग अपने अपने घरों में पशु धन के रूप में मवेशियों का पालन करते आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में घरेलू में मवेशियों को पशुधन के रूप में पूजा की जाती है और प्रतिवर्ष दिवाली के मौके पर पशुधन की पूजा अर्चना के लिए सोहराय एवं गोवर्धन पूजा उत्सव का आयोजन होते आ रहा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा करोड़ो रूपये खर्च कर गौठान का निमार्ण करवाया गया है। कालांतर में लोग अपने घरों में मवेशियों के पालने को झमेला समझने लगे और धीरे-धीरे गांव में मवेशियों की संख्या घटने लगी। किसान जहां पहले बैल एवं भैंसा से हल जोतते थे तथा कृषि कार्य में भी इनका उपयोग किया जाता था। परंतु अब इस ट्रैक्टर के युग में बड़े-बड़े किसान भी बैल या भैंसा रखना छोड़ ट्रैक्टर से खेती करने लगे हैं।जिनके कारण अब सड़को पर विचरण करते नजर आ रहे है। क्योंकि जो गौठान बने हुए है उसमें मावेषयों को नही पहुँचाहया जा रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ मार्ग पर जहां-तहां सड़क पर मवेशियों का झुंड देखा जा रहा है। जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क पर विचरण कर रहे इन मवेशियों के कारण आए दिन छोटी बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो रही है पर इस ओर ना तो प्रशासन का और ना ही कोई संगठन का इस ओर ध्यान जा रहा है। अगर इस पर नियंत्रण नहीं हुआ तो मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहेगा जिसने ना केवल पशुधन की क्षति होगी बल्कि राहगीरों का भी जान-माल नुकसान होगा।

रात में वाहन चालकों को होती है समस्या :-

बीच सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के साथ होने वाली दुर्घटना के संबंध में लोगों से चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा रात के समय वाहन चालकों को समस्या होती है। कुछ आवारा पशु ऐसे हैं जिनका रंग काला होता है और बीच सड़क पर झुम्मड़ लगाकर बैठे रहते हैं। तेज गति से आवागमन वाले वाहन चालकों को ये जानवर दिखाई नहीं देते जिसके कारण दुर्घटना घट जाती है। आवारा पशुओं का झुम्मड़ क्षेत्रों में दिखाई देता हैं, वहीं बीच सड़क पर इक्ठ्ठे बैठ जाते हैं जिसके कारण वाहनो के आवागमन में परेशानियां होती हैं। इन जानवरों को इसी तरह आवारा छोड़कर रखा गया तो एक दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र सभी मुख्य मार्गों में आवारा पशु बीच सड़क पर बैठ कर दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। इस पर जिला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

सड़कों पर बैठे मवेशी के लिए पंचायत प्रतिनीधियों का पंचायत स्तर पर कमेटी बनाकर मवेशी मालिकों से जुर्माना वसूला जाना चाहिए। और उनको अपने मवेशी को खुला सड़क पर नही छोड़ने के लिए जागरुक किया जाना चाहिए।

भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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