Chief Minister Bhupesh Baghel ji, according to the religious sentiments of Satnam followers, please rename the new district Sarangarh-Bilaigarh as Satnamgarh, those who believe in Satnam will always be grateful to you,,,,,,
छत्तीसगढ़ :- सतनाम या ‘सतिनाम’ (गुरुमुखी: ਸਤਿ ਨਾਮੁ) गुरु ग्रन्थ साहिब में प्रयुक्त प्रधान शब्द है। यह मूल मंत्र में भी है। सतनाम शब्द भारत के विभिन्न समाज में प्रचलित है। छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज जो अनुसूचित जाति के अंतर्गत आता है में यह शब्द अभिवादन के रूप में साहेब सतनाम या जय सतनाम प्रयोग होता है। सतनामी समाज का मुख्य इष्ट गुरु, गुरुघासीदास जी है।

कबीर वाणी में सतनाम
सुकृत नाम अगुवा भये, सत्तनाम की डोर।
मूल शब्द पर बैठिके, निरखो वस्तू अंजोर।।
सत्तनाम है सबते न्यारा। निर्गुन सर्गुन शब्द पसारा।। निर्गुन बीज सर्गुन फल फूला। साखा ज्ञान नाम है मूला।।8।। दोहा – नाम सत्त संसार में, और सकल है पोच। कहना सुनना देखना, करना सोच असोच।।3।। सबही झूठ झूठ कर जाना। सत्तनाम को सत कर माना।। निस बासर इक पल नहिं न्यारा। जाने सतगुरु जानन हारा।।10।। अंस नामतें फिर फिर आवै। पूर्ण नाम परमपद पावै।। नहिं आवै नहिं जाय सो प्रानी। सत्यनामकी जेहि गति जानी।।12।। सत्तनाममें रहै समाई। जुग जुग राज करै अधिकाई।। सतलोकमें जाय समाना। सत पुरुषसों भया मिलाना।।13।। नाम दान अब लेय सुभागी। सतनाम पावै बड़ भागी। मन बचन कर्म चित्त निश्चय राखै। गुरुके शब्द अमीरस चाखै।।17।। झूठा जान जगत सुख भोगा। साँचा साधू नाम सँजोगा।। यह तन माटी इन्द्री छारी। सतनाम सांचा अधिकारी।।19।। नाम प्रताप जुगै जुग भाखाी। साध संत ले हिरदे राखी।। कहँ कबीर सुन धर्मनि नागर। सत्यनाम है जगत उजागर।।20।। अक्षर आदि जगतमें, जाका सब विस्तार।सतगुरु दया सो पाइये, सतनाम निजसार।। सतगुरुकी परतीति करि, जो सतनाम समाय। हंस जाय सतलोक को, यमको अमल मिटाय।।
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
