सारंगढ़:शिक्षा विभाग की खुली पोल, शिक्षकों की कमी एवं बच्चों के भविष्य को गर्त में जाता देख ग्राम सरपंच ने उठाया यह कदम, आखिर क्या है मामला,,,,,

Sarangarh: Seeing the education department’s open poll, shortage of teachers and children’s future going into the trough, the village sarpanch took this step, what is the matter,,,,,



सारंगढ़ :- शिक्षा विभाग भले ही जितने दावे कर ले कि सरकारी स्कूलों में कहीं कोई कमी नही है , सभी जगह बेहतर तरीके से पढ़ाई हो रही है मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
हम बात कर रहे हैं सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम रीवापार की जहां प्राथमिक स्कूल एवं माध्यमिक स्कूल चल रहा भगवान भरोसे इस सबसे बेखबर शिक्षा विभाग के अधिकारी चाहे जितने भी दावे कर ले परंतु यहां की हालत देखकर यही लगता है कि जितने भी शिक्षा विभाग ने दावे किए हैं सारे खोखले नजर आ रहे हैं।
आपको बताते चलें कि प्राथमिक शाला रीवापार में वर्तमान स्थिति को देखा जाए तो यहां पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या 126 है जिसमें सिर्फ 2 शिक्षकऔर वहीं दूसरी तरफ माध्यमिक शाला रीवापार में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या 60 है जिसमें सिर्फ 2 ही शिक्षक है। आप समझ सकते हैं कि प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला रीवापार में पठन-पाठन का कार्य किस प्रकार किया जा रहा है।


“आज के बच्चे कल का भविष्य“(Today’s children tomorrow’s future) इस वाक्यांश का अर्थ एवं भावार्थ शायद शिक्षा अधिकारियों को मालूम ही नहीं, आज के बच्चे कल के भविष्य यह शब्द सिर्फ शब्द बनकर रह गया है। बच्चों की स्कूली शिक्षा प्राथमिक स्तर, माध्यमिक स्तर ,हाई स्कूल, कॉलेजों और कई स्तरों तक चलती है। लेकिन शिक्षा अधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए कि बच्चे का प्राथमिक स्तर ही अगर सही नहीं है तो बच्चे आगे कहां बढ़ पाएंगे आज के मासूम बच्चे कल पढ़ लिखकर भविष्य में एसपी, डीएसपी कलेक्टर ,तहसीलदार, पुलिस देश के मंत्री प्रधानमंत्री, इंजीनियर ,पायलट, राष्ट्रपति भी बन सकते हैं लेकिन उनको इस बात की फिक्र कहां की बच्चों की पढ़ाई का स्तर नीचे ही जा रहा है ऊपर उठ नहीं पा रहा है, आखिर कब इन अधिकारियों को आज के बच्चे कल का भविष्य वाक्यांश का अर्थ और भावार्थ समझ में आएगा।


इस प्रकार की अपने ग्राम रीवापार के प्राथमिक स्कूल एवं माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी को देखते हुए और अपने ग्राम के स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की भविष्य को गर्त में जाता देख आखिर एक सरपंच कैसे बर्दाश्त कर सकता है। इस प्रकार से स्कूल के वास्तु स्थिति एवं समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत रीवापार सरपंच श्रीमती गुलाब  बाई अनंत ने दिनांक 20 जुलाई 2022 को तत्काल अपने ग्राम रीवापार में पंचगण एवं समस्त वरिष्ठ नागरिकों की बैठक ली जिसमें प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था बदहाली को देखकर , स्कूल को भगवान भरोसे चलता देख बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी ही ग्राम रीवापार के 4 पढ़े लिखे होनहार युवक-युवतियों का चयन किया गया।


जिसमें (1) कमल बंजारे – बीए फाइनल एम ए
(2) नम्मू अनंत – एमएससी फाइनल
(3) पूर्णिमा कुर्रे – 12वीं पास
(4) एलिजा अनंत – बीएससी सेकंड ईयर
ग्राम रीवापार के प्राथमिक स्कूल एवं माध्यमिक स्कूल के छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान हेतु चयन किया गया।


ग्राम पंचायत रीवापार में बुलाए गए इस बैठक में सरपंच श्रीमती गुलाब बाई अनंत एवं पंचगण जिसमें खीकबाई, रामचंन्द्रो, पुरान रात्रे, जोईधा, तुकेत जोल्हे, दूज राम अनंत, कंचन टंडन, आजाद जांगड़े, करमुनदास, रामशिला रात्रे, भूरी बाई अनंत, रजनी आदि सभी पंच गण शामिल रहे। एवं ग्राम पंचायत रीवापार के वरिष्ठ नागरिक गण जिसमें मुख्य रूप से मनोहर अनंत, बाबूलाल बंजारे, नवधा रात्रे, पुकराम अनंत, धनीराम, गणपत, रामलाल, मनोज अनंत, भलभल, अनंत रात्रे, साखी राम, प्रेमलाल, बिजय, नवधा, कन्हैया, प्रेम सागर, जितेंद्र, सेलू, मसनीबाई अनंत, गौरी बाई तथा ग्राम के अन्य सभी वरिष्ठ नागरिक गण इस बैठक में शामिल रहे।

भ्रष्ट्राचारियो को,,,,
जब तक तोड़ेंगे नही, तब तक छोड़ेंगे नही

कलम का बादशाह✍️

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