Chief Executive Officer, Janpad Panchayat is flouting the rules of Right to Information,,,,
____निठल्ले जन सूचना अधिकारी भी मान लेते हैं इन जैसे कर्मचारियों की बात आवेदक को करते हैं गुमराह,,,,,
जांजगीर-चांपा :- जिला जांजगीर-चांपा आज दिनांक को पामगढ़ सूचना का अधिकार अधिनियम की खुलेआम धज्जी उड़ा रहे हैं, जन सूचना अधिकारी आपको बता दें की क्राईम फ्री इण्डिया फोर्स के ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यकान्त शशि ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पास राइट टू इंफॉर्मेशन के तहत आवेदन दिया था, उस आवेदन में जन सूचना अधिकारी ने आवेदक के जवाब में पहले तो अवलोकन करने हेतु समय मुहिया कराया जाता हैं,

आवेदक को समय से जवाब पाने हेतु जाने पर फिर अन्दर से आकर एक कर्मचारी के द्वारा बहाने बनाते हुए कहते हैं, अभी अधिकारी मौजूद नहीं हैं, वे आएंगे तो आपको आपका जवाब मिल जाएगा बोला कर चले जाते हैं। और यूं ही टाइम पास कर देते हैं, उसके बाद भी जवाब नहीं मिलता घंटो इंतजार करना परेशान होना जन सूचना अधिकारी का नदारत रहना इस वर्तमान के उस समय में आवेदक को जवाब ना देना गुमराह कर प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास आवेदन लगाने को मजबूर हो जाने पे आवेदक अपील करता है।

____ते हैं ना चोर की दाढ़ी में तिनका तो या गलत नहीं होगा इसका तात्पर्य है। प्रथम अपीलीय अधिकारी भी जन सूचना अधिकारी के नक्शे कदम पर चलते हुं, आवेदक को कुछ इस प्रकार लिखित में जवाब पेश कर देते हैं, मेरा समपुर्ण दस्तवेजो को मेरे अलावा मेरी धर्मपत्नी को ही दिया जाए जैसी बात को लिखित में जवाब देते हैं।

____इन बेवकुफो कौन बना दिया जन सूचना अधिकारी इनको नहीं पता होता है, कि शासकिय नौकरी में पदस्थ व्यक्ति के दस्तावेज सभी उसके मुख्यालयों में इंद्राज होते हैं, और वे सभी दस्तावेज उनके निजी नहीं होते जीससे राष्ट्र की एकता-अखंडता को नुक्सान पहुंचे और राष्ट्र की सुरक्षा वेवस्था को खंडित करें पहले तो इन जन सुचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारीयों की कार्यशाला आयोजन, संगोष्ठी प्रोग्राम लगाकर इनको ट्रेंट वा ट्रेनिंग दिया जाए। व इस प्रकार की पुनः लापरवाही पाए जाने पर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित एवं सही होगा।

क्या कहते हैं क्राईम फ्री इण्डिया फोर्स के प्रदेशाध्यक्ष राघवेंद्र पाठक :-
जैसा की सूचना के अधिकार अधिनियम की धज्जी उड़ाना इन जन सूचना अधिकारीयों के लिए आम हो गया हैं, प्रतिएक नागरिक को समय पर सूचना उपलब्ध करना सभी जन सूचना अधिकारीयों का पहला कर्तव्य हैं। सही समय में कर्त्तव्यों का निर्वहन कर निष्पक्ष जवाब मुहिया कराना पहल धर्म व कर्तव्य भी होना चाहिए तब जाकर अपराध मुक्त भारत के निर्माण में सहायक भारत के प्रतिएक नागरिक होगें इनके इस प्रकार की हरकतों से आवेदक परेशान होता हैं। इस परेशानियों के निवारण हेतु आवेदक को समय पर जवाब देना चाहिए ऐ आवेदक का अधिकार हैं। और साथ ही भारत देश में अपराध मुक्त भारत का नव निर्माण की परिकल्पना को साकार करने में आप सभी देशवासीयों अपने क्षेत्र मे आरटीआई लगाकर अपराध रूपी भ्रष्टाचार को मिडिया के मार्फत जगजाहिर करे CFIF प्रकोष्ठ की टीम मेंबर के द्वारा आगे को किया जाएगा।
आप सभी प्रदेश, जिला एवं ब्लाक के पदाधिकारियों को सुचित कर बताया जाता ही की आप सभी अपने अपने क्षेत्र मे आरटीआई लगाकर होने वाले भ्रष्टाचार रुपी अपराध को खत्म करें आप सभी पदाधिकारी की भूमिका प्रथम होगी आप सभी को अग्रिम शुभकामनाओं के साथ आपका राघवेन्द्र पाठक

बहरहाल अब दुतिया अपीलीय अधिकारी के समक्ष आवेदन लगाकर जवाब लेने की तैयारी में लग चुके हैं। आवेदक अब देखना-समझना होगा क्या वाकई में इनके प्रश्न में राष्ट्र को छती पहुंचाने जैसे बातें लिखी हैं? अब दुतिया अपीलीय अधिकारी आगे कि कार्यवाही का जवाब देते है ?
आप सभी पाठक गणों को बता दें इसी कड़ी में हम आपको दुसरे अंक में बताएंगे दुतिया अपीलीय अधिकारी किस प्रकार की कार्यवाही कर इस आवेदन में जवाब दिए हैं।
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
