Satnami community filed a complaint in the police station calling the word “Harijan” objectionable.,,
____घरघोड़ा में “हरिजन” शब्द के उपयोग पर जगरनाथ ठाकुर ने मांगी माफी,,,
रायगढ़-घरघोड़ा :- सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के एक फैसले में “हरिजन” शब्द को अपमानजनक और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाला माना है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत कार्रवाई शामिल है। केंद्र सरकार ने 1982 में ही इस शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, और बाद में 2010 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस पर और कड़े नियम बनाए।
सतनामी समाज घरघोड़ा ने हरिजन शब्द को आपत्ती जनक बताया थाना में शिकायत :- घरघोड़ा में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान “हरिजन” शब्द का उपयोग किए जाने पर सतनामी समाज के लोगों ने आपत्ति जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले को लेकर अब संबंधित पक्ष के जगन्नाथ सिंह ठाकुर ने थाने पहुंचकर अपने बयान पर खेद जताया है।
जगन्नाथ ठाकुर ने सतनामी समाज से मांगा माफी :-ठाकुर ने कहा कि “हरिजन” शब्द का उपयोग अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा निषिद्ध किया जा चुका है, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा अनजाने में यह शब्द बोला गया, जिसके लिए मैं सतनामी समाज से क्षमा मांगता हूं। मैं अपने शब्द को वापस लेता हूं और समाज का पूरा सम्मान करता हूं।”
ठाकुर के माफी के पश्चात समाज हुआ शांत :- ठाकुर की इस माफी के बाद समाज के लोगों ने मामले को आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ समाप्त करने की बात कही है।
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
