सारंगढ़;परसदा छोटे के उपसरपंच और पंचों ने षडयंत्रपूर्वक वर्तमान सरपंच एवं सचिव पर झूठे आरोप लगाए,,,,

Sarangarh; Deputy Sarpanch and Panchs of Parasada Chhota conspired and made false allegations against the current Sarpanch and Secretary,,,,

प्रमुख बिंदु :-

____शिकायत के माध्यम से वर्तमान सरपंच एवं सचिव के छवि को धूमिल करने का षड्यंत्रकारी प्रयास,,,

____शिकायतकर्ताओं वर्तमान उप सरपंच-कृष्ण कन्हैया, पंचगण -पूरन, जगदीश, नरसिंह कुमार, चमेली, रत्ना पटेल, पिंकी, मांगमती, बेदमती, केशव प्रसाद, सजनी,,,

____जिला प्रशासन एवं पत्रकारों को गुमराह करने का प्रयास,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- मामला जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत परसदा छोटे का है जहां पर एक उपसरपंच ने जिला कलेक्टर को गुमराह करने का प्रयास किया एवं पत्रकारों को भी गुमराह करते हुए झूठे बयान बाजी कर समाचार प्रकाशित कराया ।

जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में एक ऐसा भी ग्राम पंचायत है जहां पर वर्तमान सरपंच श्रीमती कौशल्या सिदार एवं सचिव बाबूलाल सिदार के ऊपर वर्तमान उप सरपंच कृष्ण कन्हैया पटेल के द्वारा आपसी दुश्मनी एवं ईर्ष्या रखते हुए बदनाम करने के नियत से द्वेषतापूर्ण अपने पक्ष में कई पंचों को मिलाकर इतनी दुश्मनी की सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के साप्ताहिक जनदर्शन में टोकन नंबर 2310125001614 के माध्यम से झूठी शिकायत की गई।

Sarangarh; Deputy Sarpanch and Panchs of Parasada Chhota conspired and made false allegations against the current Sarpanch and Secretary,,,,

आईए जानते हैं किनके द्वारा किया गया झूठा शिकायत :- वर्तमान उप सरपंच-कृष्ण कन्हैया पटेल

वर्तमान पंचगण :-पूरन, जगदीश, नरसिंह कुमार, चमेली, रत्ना पटेल, पिंकी, मांगमती, बेदमती, केशव प्रसाद, सजनी ।

जिस पर शिकायत का विषय रहा कि :-ग्राम पंचायत परसदा छोटे ज.पं. सारंगढ़ जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छ.ग.) के सरपंच श्रीमती कौशिल्या सिदार व सचिव बाबूलाल सिदार द्वारा बेजा लाभ लेन की मंशा से मिलीभगत व सांठगांठ करते हुये अन्य पंचो का फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पारित करने व राशि आहरित करने के सबंध में उचित कार्यवाही करने एवं जाचं कार्यवाही पूर्ण होने तक वित्तीय आहरण पर रोक लगाने बाबत्।

इस तरह के झूठे और बेबुनियाद शिकायत करके एक सीधे साधे सरपंच एवं सचिव को फसाने का झूठा प्रयास किया गया।

शासन प्रशासन के डर से एक ही दिन में शिकायत वापसी :-

शिकायतकर्ता उपसरपंच कृष्ण कन्हैया पटेल एवं उनके पंचों ने दिनांक- 2 सितंबर 2025 को शिकायत किया और दिनांक- 4 सितंबर 2025 को शिकायत वापस ले लिया, मामला को देखते हुए जान पड़ता है कि शिकायतकर्ताओं में शासन प्रशासन के न्यायिक कड़े रुख और रवैया को देखते हुए अपनी शिकायत वापस ले लिया होगा या की झूठी शिकायत करने पर स्वयं के ऊपर कार्यवाही का डर होगा।

झूठी शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत वापसी में उल्लेख किया है कि :-

हम पंचगण द्वारा जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ कलेक्टर जनदर्शन में माननीय महोदय के समक्ष ग्राम पंचायत परसदा छोटे ज.पं. सारंगढ जिला सारगढ़-बिलाईगढ़ (छ.ग.) के सरपंच श्रीमती कौशिल्या सिदार व सचिव बाबूलाल सिदार द्वारा बेजा लाभ लेने की मंशा से मिलीभगत व सांठगांठ करते हुये अन्य पंचो का फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पारित करने व राशि आहरित करने के संबंध में उचित कार्यवाही करने एवं जाचं कार्यवाही पूर्ण होने तक वित्तीय आहरण पर रोक लगाने बाबत् शिकायत किया गया था।

चूंक्ति सरपंच एवं सचिव द्वारा अब आगे प्रत्येक आम सभा व ग्राम सभा बैठक में सभी पंचो को व्यक्तिशः आहूत करने, प्रस्ताव में सभी पंचो का हस्ताक्षर कराने, सभी पंचों का पूछ-परख करते हुये पंचायत के विकास कार्यों में सहभागिता लेने हेतु वचन दिया गया है. जिस कारण हम पंचायत के विकास कार्य को दृष्टिगत रखते हुये आपस में सुलह-समझौता हो गया हैं इस कारण हम प्रस्तुत शिकायत में कोई बल देना नहीं चाहते हैं एवं स्वेच्छा से जांच कार्यवाही भी नहीं चाहते हैं, इस कारण हमारे द्वारा प्रस्तुत शिकायत आवेदन पर किसी प्रकार से कोई कार्यवाही न कर प्रकरण नस्ती कराने हेतु यह आवेदन पत्र प्रस्तुत है।

अतः प्रार्थना है कि आपसी सुलह-समझौता के आधार पर जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर जनदर्शन में हमारे द्वारा की गई शिकायत आवेदन टोकन नबर 2310125001614 पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही न कर प्रकरण नस्ती/समाप्त करने की कृपा करें।

झूठे शिकायतकर्ताओं पर हो सकती है कानूनी कार्यवाही :-

सरपंच पर झूठे आरोप लगाने वाले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 182 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिससे उस पर जुर्माना और/या कारावास हो सकता है। यह झूठी शिकायत करने के समान है, और ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता पर मुकदमा चलाने पर विचार कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं, तो सरपंच द्वारा शिकायतकर्ता से हर्जाना वसूला जा सकता है। 

इन सब को देखते हुए ऐसा लगता है कि :- वर्तमान सरपंच को भविष्य में उपसरपंच के द्वारा किसी भी झूठे मामलों में उलुल-जुलुल-फिजुल फसाया जा सकता है, ऐसे मामलों में शासन प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है एवं ऐसे झूठे उपसरपंच एवं पंचों पर कड़ी से कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी जनता के सेवक सरपंच एवं सचिव पर झूठे आरोप ना लग सके।

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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