देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन सफल, 104 घंटे के बाद बोरवेल में फंसे राहुल साहू को सकुशल निकाला गया बाहर,,,,,


जांजगीर-चांपा :- जिले के मालखरौदा विकासखंड के गांव पिहरीद में बोरवेल में फंसे 11 वर्षीय बालक राहुल साहू के सफल रेस्क्यू पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए राहुल को ग्रीन कॉरीडोर बनाकर बिलासपुर के अपोलो अस्पताल के लिए रवाना किया गया है।


104 घण्टे तक चले दुष्कर ऑपरेशन के बाद राहुल सुरंग से बाहर बोरवेल में फंसे राहुल को अंततः निकाल लिया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए राहुल की ग्रीन कॉरिडोर से बिलासपुर रवानगी कर दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मालखरौदा के पिहरीद गांव में बोरवेल के नीचे फंसे राहुल को सेना के जवानों ने बाहर निकाल लिया है।सेना ने मंगलवार देर शाम टनल के रास्ते से उसकी पोजिशन देखी। यह जरूर है कि उसे निकालने के लिए बड़े होल की जरूरत थी।राहुल साहू के कुछ देर बाद बाहर आने की संभावना को देखते हुए नये सिरे से पूरा प्रशासन अलर्ट पर था। राहुल के लिए टनल तक विशेष रूप से बनाया गया स्ट्रेचर ले जाया जा चुका था। आईसीयू, वेंटिलेटर की सुविधा से युक्त दो एम्बुलेंस ऊपर तैयार रखे गए। ग्रीन कॉरिडोर के लिए पूरे रास्ते के पुलिस स्टेशनों को सतर्क कर दिया गया है। इस रास्ते में पड़ने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्टाफ बुला लिए गए हैं।घटनास्थल पर बेरिकेड्स के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ टकटकी लगाए खड़ी थी।


मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राहुल और उसके परिजनों पर आए संकट को लेकर मैं व्यक्तिगत रूप से भी बहुत चिंतित था। मैं पल-पल का अपडेट ले रहा था। मैंने राहुल के परिजनों से फोन पर बातचीत करके उन्हें भरोसा दिलाया था कि हम हर संभव प्रयास करेंगे। इस घटना ने खुले छोड़ दिए गये बोरों को लेकर एक बार फिर सभी को सचेत किया है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे खतरनाक बोरों को बंद करना सुनिश्चित करें।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहुल को बचाने के लिए पिछले 24 घँटे से प्रशासनिक और पुलिस महकमा घटना स्थल से हिला नहीं । राहुल को बचाने जांजगीर कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला, एसपी विजय अग्रवाल के साथ 4 आईएएस।2 आईपीएस,1 एएसपी,2 डिप्टी कलेक्टर,5 तहसीलदार,4 डीएसपी
8 इंस्पेक्टर समेत रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर से भी बचाव दल जी जान से लगा हुआ था।


साथ ही पुलिस के करीब 120 जवान बचाव कार्य में लगे हुए थे.इसके अलावा 32 एनडीआरएफ, 15 एसडीआरएफ और सेना के जवान दिन रात एक किये .500 अधिकारियों/कर्मचारियों की फ़ौज कर रही है राहुल की वापसी का मार्ग प्रशस्त।बचाव कार्य से संबंधित सूचनाओ के सतत संप्रेषण के लिए जनसंपर्क विभाग के दो अधिकारी टीम सहित तैनात थी।राहुल को सकुशल निकलने के लिए 4 पोकलेन, 6 जेसीबी, 3 फायर ब्रिगेड, हाइड्रा, स्टोन ब्रेकर, 10 ट्रैक्टर, होरिजेंटल ट्रंक मेकर जैसी मशीनों से काम लिया गया।

भ्रष्ट्राचारियो को,,,,
जब तक तोड़ेंगे नही, तब तक छोड़ेंगे नही

कलम का बादशाह✍️

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