A case of cheating has been registered against Suresh Dagla, the petrol pump operator of Lailunga, for taking benefits by making fake caste certificates.
____कोर्ट के आदेश पर पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज…
____फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर उसका लाभ लेने का आरोप, लैलूंगा पुलिस करेगी मामले की जांच…
रायगढ़:- फ़र्ज़ी जाती पत्र मामले को लेकर शुक्रवार शाम लैलूंगा पुलिस ने जेएमएफसी कोर्ट घरघोड़ा के निर्देश पर पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर उसका लाभ लेने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। लैलूंगा के ही एक व्यक्ति ने कोर्ट में परिवाद पेश किया था।

इसके बाद कोर्ट ने एफआईआर के आदेश दिए। इस मामले में आरोपी का कहना है कि उसके जाति प्रमाण पत्र पर हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन है। उसने इंडियन ऑयल को लिखे गए पत्र में इसका जिक्र किया है। अली अहमद नामक शख्स ने घरघोड़ा न्यायालय में परिवाद पेश किया था।

लैलूंगा के सुरेश डगला पर अनुसूचित जनजाति का अस्थाई जाति प्रमाण बनवाकर पत्र आदिवासियों की जमीन खरीदी और और बेच दी। आदिवासी भूमि पर ही उसने शासन से मुआवजा भी ले लिया। इसी बीच सुरेश डगला ने बिलासपुर कलेक्टर को दिए एक आवेदन में खुद को सामान्य वर्ग का सदस्य भी बताया था। सुरेश ने नायब तहसीलदार लैलूंगा से 2005 में अस्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाया जिसकी वैधता अवधि 6 महीने की थी। बोगस जाति प्रमाण पत्र के आधार पर ही सुरेश ने इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप भी अलॉट कराया।
अस्थायी जाति प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होने के बाद सुरेश ने बोगस तरीके से जाति प्रमाण पत्र तैयार किया। इस जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय जांच समिति द्वारा निरस्त किया गया । सुरेश के जाति प्रमाण पत्र की जानकारी नायब तहसीलदार कार्यालय में दर्ज नहीं पाई गई। परिवादी ने आरोप लगाया था कि आदिवासियों से उनकी भूमि क्रय करने हेतु स्थाई जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है किन्तु सुरेश के पास स्थायी जाति प्रमाणपत्र था ही नहीं। सुरेश डगला के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
प्रमाण पत्र से जुड़ा मामला हाई कोर्ट में लंबितः आरोपी सुरेश का पक्ष जानने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा मामला हाई कोर्ट में 2011 से विचाराधीन है। 12 साल बाद केस की क्या स्थिति है, इस पर सुरेश ने इंडियन ऑयल को लिखे पत्र का हवाला दिया। इंडियन ऑयल ने शिकायत पर सुरेश से जवाब मांगा था जिसमें उन्होंने जवाब देते हुए मामला हाई कोर्ट में लंबित होने की बात कही है।
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
