Head constable Sanjay Yadav batch no. Serious allegations on 436, Dharamjaygarh area case, complaint in SP office Raigarh,,,,
____धरमजयगढ़ से संजय सारथी की रिपोर्ट :-
____रायगढ़ पुलिस की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी पुलिस चौकी रैरूमा खुर्द का प्रधान आरक्षक संजय यादव बैच नं. 436,,,,,
रायगढ़-धरमजयगढ़ :- मामला दरअसल धर्मजयगढ़ थाना अंतर्गत आने वाली चौकी रैरूमा खुर्द का है जहां ग्राम पंचायत सोहनपुर निवासी सुकलाल राठिया ने रैरूमा खुर्द चौकी के प्रधान आरक्षक संजय यादव बैच नं.436 पर गंभीर आरोप लगाया है की प्रधान आरक्षक संजय यादव के द्वारा डरा धमका कर ₹20000 लेने एवं प्रति माह ₹10000 देने का मांग किया गया है,सुकलाल राठिया को यह भी धमकाया गया कि अगर वह इस विषय में किसी से चर्चा परिचर्चा किया तो उसके घर में गांजा डलवा कर फसाने एवं उसे जेल में डलवा देने जैसे शब्दों से धमकी दिया गया एवं किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी ले लिए गए हैं।

सुकलाल राठिया ने अपने आवेदन में अपना दुख बयां करते हुए यह भी कहा है कि :- रैरूमा खुर्द चौकी के प्रधान आरक्षक संजय यादव जिनका बैच नं. 436 है उनसे उनका परिवार पूरी तरह से डरा सहमा हुआ है एवं सुकलाल राठिया पुलिस अधीक्षक से अभय दान की मांग की है।
सुकलाल राठिया ने अपने आवेदन में बतौर गवाह :- ग्राम पंचायत सोहनपुर’सरपंच – आनंद राठिया, उपसरपंच – रवि प्रसाद, पंच- गिरधारी यादव को रखा है, सुकलाल राठिया के द्वारा सरपंच उपसरपंच एवं पंच को गवाह रखने से यह स्पष्ट हो रहा है कि रैरूमा खुर्द चौकी के प्रधान आरक्षक संजय यादव बैच नं. 436 के द्वारा यह कृत्य किया गया होगा। क्योंकि किसी भी पंचायत का पंच परमेश्वर सरपंच होता है और कहा जाता है कि सरपंच के मुख से परमेश्वर की वाणी निकलती है।
पुलिस चौकी रैरूमा खुर्द के प्रधान आरक्षक संजय यादव बैच नं.436 की शिकायत,शिकायतकर्ता ने :-
1.पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय रायपुर (छ.ग.)
2.पुलिस महानिरिक्षक बिलासपुर (छ.ग.)
3.राज्य मानव अधिकार आयोग रायपुर (छ.ग.) से की है।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल :-पुलिस की भूमिका रक्षक से अधिक भक्षक क्यों?
पुलिस का प्राथमिक कार्य यह है कि :- जनमानस में सुरक्षा की भावना को विकसित करना लेकिन आप देखिए कि किस तरह के आरोप आए दिन पुलिस पर लगते हैं, आरोप निम्न प्रकार हैं :- फर्ज़ी एनकाउंटर, फर्ज़ी मुकदमा, झूठा केस दर्ज करना, भ्रष्टाचार, यौन शोषण, लॉ एंड ऑर्डर को तोड़ना, दमन, राजनीतिक दबाव में कार्य करना, न्याय व्यवस्था को लागू करने में असफ़ल, अविश्वास की स्थिति को पैदा करना, पक्षपात व्यवहार, नैतिक पतन, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना, निर्दोषों को फंसाना, आदालतों की अवहेलना करना, पुलिसिया लॉकअप में मौत, थर्ड डिग्री का प्रयोग, महिलाओं/आदिवासियों/दलितों/अल्पसंख्यकों के ऊपर अत्याचार, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार इत्यादि।
अब प्रश्न यह उठता है कि :- पुलिस इस तरह के आरोपों से किस प्रकार अपने दामन को बचाएगी? मानवाधिकार हनन का मामला सबसे अधिक मात्रा में भारतीय पुलिस पर लगता है। चाहे वह उत्तर प्रदेश की पुलिस हो या छत्तीसगढ़ की पुलिस, जिसको अपराधी/उग्रवादी तथा आम जनमानस में कोई अंतर नहीं दिखता है, वह सिर्फ ठोकने में विश्वास रखती है, जिससे पुलिस की छविरक्षक से अधिक भक्षक की है।

पीड़ित सुकलाल राठिया निवासी ग्राम पंचायत सोहनपुर ने अपने आवेदन मैं लिखा है कि :-
विषयान्तर्गत लेख है कि हम ग्राम पंचायत सोहनपुर थाना धरमजयगढ़ चौकी रैरूमा खुर्द जिला रायगढ़ छ.ग. का निवासी हूँ जो कि मैं सुकलाल राठिया पिता समय नाथ राठिया, उम्र 36 वर्ष, निवासी- लालमाटी तहसील धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ का निवासी हूँ हमारे घर में अगस्त महीने 2022 में चार पुलिसकर्मी जिसमें मुख्य रूप से प्रधान आरक्षक संजय यादव लोगों ने मौहा का बीज (पास) को पानी में सड़ा कर गाय खिलाने के लिये रखे थे, जिसको पकड़ कर मेरे घर के गृहणी को पूछताछ किया गया जिसमें गाय खिलाने के लिये रखे हैं बताया गया जिस पर 20,000/- बीस हजार रू. का का मांग किया गया जिसमें संजय यादव प्रधान आरक्षक बार-बार नहीं देने पर जेल चले जाओगे कहकर डराते धमकाते रहे जिससे हमने डर में 20,000/- बीस हजार रु. चौकी जाकर संजय यादव और एक महिला उपस्थित संजय यादव ने चौकी के एक कमरे में बुलाकर 20,000/- बीस हजार के जबरन ले लिया और कागज में हस्ताक्षर करवाकर बोला गया अगर किसी को इसके बारे में जानकारी दिया गया तो तुमको एवं तुम्हारे पूरे परिवार को झूठी केस में फसाकर तुम्हारे घर में गांजा डलवा दूंगा ऐनकेन प्रकरण बनाकर पूरे परिवार को जेल में सड़वा दूंगा कहकर दस्तावेज में सुकलाल संतोष नरेश वगे. का हस्ताक्षर बना लिया।
यह कि उपर लिखे विषय के अनुसार मेरा परिवार डरा और सहमा हुआ है अब हर महीने संजय यादव पुलिस के द्वारा जिसकी ड्यूटी रैरूमा खुर्द चौकी में है हर महीने 10,000/- रु. की मांग कर रहा है चूंकि मेरे परिवार में कुल दस सदस्य है जिसका भरण पोषण करने में काम काज एवं किसानी काम कर जीवन यापन कर रहे है तो हर महीने 10,000/-रू कहाँ से दे पायेंगे कहते है तो झूठी केश में फसाने की धमकी दे रहा है जिससे मैं एवं मेरा पूरा परिवार भय में व्याप्त है जिससे हमें घर से निकलने पर डर बना रहता है।
अब देखना लाजमी होगा कि :- पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के द्वारा प्रधान आरक्षक संजय यादव बैच नं.436 के ऊपर किस प्रकार की कार्यवाही करती है या फिर सुखलाल राठिया का आवेदन पत्र सिर्फ कागजों में सिमट कर रह जाएगा।
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
