नवीन जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 14 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में कन्या शाला सारंगढ़ के द्वारा मनाया गया बाल दिवस,,,,

Children’s Day was celebrated by Kanya Shala Sarangarh in the presence of the District Education Officer on November 14 in the new district Sarangarh-Bilaigarh,,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. उन्हें बच्चों से इतना प्यार था कि उन्हें चाचा नेहरू के नाम से भी जाना जाता है. यही वजह रही कि भारत की संसद ने उनके जन्मदिन 14 नवंबर को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया. उनके मन में बच्चों के लिए अपार प्यार और सम्मान था और वह उन्हें हमारे देश का भविष्य मानते थे। इस प्रकार, भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था. वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे. उन्हें गुलाब भी बहुत पसंद थे. इसलिए उनके कोर्ट की जेब में हमेशा एक गुलाब रहता था. वह हर बच्चे को भारत का भविष्य मानते थे इसलिए उनका मानना था कि उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें शिक्षित किया जाना चाहिए.

आज दिनांक 14 नवंबर 2022 को संपूर्ण भारत वर्ष में बाल दिवस मनाया जा रहा है इसी तारतम्य नवीन जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कन्या शाला सारंगढ़ में आनंद बाल मेला का रंगारंग कार्यक्रम एवं समारोह का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने रंग बिरंगी रंगोलियां बनाई अनेक प्रकार के खाद्य सामग्रियां बनाई, होटल और अनेकों प्रकार की इंस्टॉल लगाएं जिसमें मुख्य रुप से छत्तीसगढ़ी व्यंजन जिसमें ठेठरी,गुझिया,खुरमी,फरा, इत्यादि छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्कूली छात्राओं के द्वारा बनाया गया था साथ ही दुकाने, स्टॉल जिसमें बड़ा पुरी,समोसा, इत्यादि स्टालों में कचौड़ी ,राजस्थानी कचौड़ी,गुपचुप भेलपुरी, चाट,बटाटा ,खूब गोरी है छात्राओं ने कहा कि उनके द्वारा बनाए गए खाद्य सामग्रियों की बिक्री बहुत अच्छी हो रही है, एवं अत्यंत ही स्वादिष्ट है, इस विषय में छात्राओं में हर्ष एवं खुशी का माहौल बना हुआ है,
इस आनंद बाल मेला में रंगोली प्रतियोगिता में प्रमुख रूप से रंगोलियां रही जिसमें सराहनीय रंगोली भ्रूण हत्या पर बनी रंगोली प्रशंसनीय रही जिसकी प्रशंसा स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी डेजी रानी जांगड़े के द्वारा किया गया,

पंडित जवाबर लाल नेहरू ने अपने एक प्रसिद्ध भाषण में कहा था, “आज के बच्चे कल का भारत होंगे. जिस तरह से हम उनका पालन-पोषण करेंगे, उससे देश का भविष्य तय होगा.’ पं. जवाहरलाल नेहरू का वर्ष 1964 में निधन हो गया, और उनकी याद में, संसद ने उनके जन्मदिन को बाल दिवस समारोह के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव जारी किया. इससे पहले, भारत में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था.

भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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