रायगढ़ जिले से विभाजित कर नव गठित जिला सारंगढ के अंतर्गत टीमरलगा खनिज जांच चौकी से ओव्हर लोडिंग वाहन फर्राटे भरते निकल रहे है जिसकी जानकारी अधिकारियों को है फिर भी खुलेआम मिल रहा माफियाओं को सह !लेकिन वाहन चालक और उनकी मालिकाना की जकड़ और पकड़ इतनी मजबूत होने लगे कि खनिज जांच चौकी भी हैरतअंगेज दिख रहे है, कारवाही करने फूल रहे विभाग के हाथ। वही ओव्हर वाहनों के मालिकों के हाथ इतने मजबूत है कि खनिज जांच चौकी वहां तक नही जा पा रही बल्कि क्रशरों और
ओव्हरलोडिंग वाहनों पर कारवाही तो करते है लेकिन महज कुछ में ही करके खानापूर्ति कारवाही दिखती है। यहां दिन में फर्राटे भरते निकलते है ओव्हर गाड़िया तो रात में फर्राटे भरने वाले वाहनों की संख्या दोगुनी हो जाती है इस फर्राटे भरते वाहनों में रसूखदार माफिया और उनके बिचौले भी शामिल है फर्राटे भरते निकलने वाले वाहनों में खनिज जांच चौकी वाले बाबू को कॉल जाता है कि मेरा गाड़ी है जाने देना इस बीच किसी का कॉल आये तो उठाना मत? कांटा पर्ची देखकर दे रहे है अनुमति कांटा पर्ची और गाड़ी की वजनी में धरती आसमान का अंतर है। वही हाइवे में rto के नियमो की भी खुल्ला उलंघन करते दिख रहे है डाली के ऊपर में दो फीट ऊपर का और जुड़ा हुआ डाली नजर आएगा। जबकि अगर डाली बढ़ाया गया तो उनकी चक्का को भी बढ़ाने की नियम है क्योंकि बढ़ाया गया डाली की भार छमता की वजह को कंट्रोल में रखे यहां परिवहन करते वक्त गाड़ी पलटी भी हो जाती है जिसकी वजह से आवागमन करने वाले छोटे वाहनों को चोट पहुचाना आम बात है वही राहगीरों की जान की खतरा बनी रहती है। अधिकारी की कार्यवाही सिर्फ खाना पूर्ति के लिए है क्योंकि खनिज जांच चौकी की सीसी टीव्ही फुटेज को खंगाले तो हजारों विटनेश सामने आयेगा जांच चौकी में ऐसे होता नही कहानी बन गयी है कि ओव्हर लोड वाहन बिना रॉयल्टी पर्ची की लोड हुआ रास्ते मे निकला और खनिज जांच चौकी अधिकारी काटा पर्ची देखा नम्बर एंट्री किया फिर निकल रहे फर्राटे भरते।

खनिज जांच चौकी के कर्मचारियों के मोबाइल से रोज होती है वार्ता ट्रेस में आएगा सामने
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुशार रात में ओव्हर लोड हाइवे ट्रेलर भरते है फर्राटे अधिकारियों तक जाती है कमीशन यही नही प्रत्येक हाइवा में पांच सौ से हजार रुपये की मिलती है बोनस कमीशन ये दरअसल में हाइवा या ट्रेलर ले पहुचती है जिससे पच्चीस सौ से तीन हजार तक का होता है लाभ खनिज जांच चौकी टीमरलगा जहाँ से बिना रॉयल्टी पर्ची के ही निकाल देते है जिससे शासन को पहुचती है छती शासन को बिना टेक्स दिए कुछ कर्मचारियों को मिलता है छूट करने की रुपये और विभाग की कर्मचारी ही अपने जेब मे भरने के लिए सरकार तक पहुचने वाली कर को छती दे रहे है। खनिज जांच चौकी की कर्मचारियों और विभागों की अधिकारियो का मोबाइल न ट्रेस करने से बहुत सारे सवाल खड़े हो जाएंगे।

खनिज जांच चौकी क्यो? क्या है इनकी कार्य उठने लगा सवाल?
खनिज जांच चौकी टीमरलगा में कलेक्टर निर्देशित बिंदु की अवहेलना हो रही इन दिनों बड़े ही तामझाम में लगे हुए लोगो के द्वारा आधे रात में जोरदार परिवहन विभाग की कार्य शैली सुस्त में,बिना जांच किये ही खनिज से भरे वाहनों को छोड़ दिया जाता है विभाग वाले सिर्फ काटा पर्ची देखा फिर नम्बर दर्शा कर छोड़ देते है अगर नियमानुसार उसकी वजनी करवाया जाएगा तो एक वाहन में टेन टन से ऊपर की ज्यादा भरपाई की कर से बचते है जबकि इसकी भरपाई नियमानुसार गाइड लाइन के अनुशार होनी चाहिए रहती है।
बिना जांच किये ही गाडियो को दे रहे जाने आने का परमिशन सूत्र बता रहे कि अधिकारियों की साँठगाँठ होने के कारण ओव्हरलोडिंग गाड़िया धड़ल्ले दौड़ रही है।
भ्रष्ट्राचारियो को,,,,
जब तक तोड़ेंगे नही, तब तक छोड़ेंगे नही
कलम का बादशाह✍️
