The merciless stick of Municipal Corporation Raigarh went to the shop of the poor,,,,,,
रायगढ़ :- कमला नेहरू उद्यान के किनारे रोजाना 20 दुकानें लगती है आज इसी कड़ी में सुबह 11:00 बजे नगर निगम का तोड़ू दस्ता आया और उद्यान के किनारे लगे दुकानों को हटाने के लिए कहा गया व जिसमें कई दिखाने खुली थी और कई दुकानें नहीं खुली थी जो दुकाने खुली थी उनका मनमर्जी चालान काटा गया और जो दुकानें बंद थी उन दुकानों के काउंटर व सामान को जब्ती बनाया गया.

वहां दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने बताया कि :- इस कमला नेहरू उद्यान के किनारे हम लोग दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं अभी अचानक नगर निगम का तोड़ू दस्ता आकर दुकानों का काउंटर और सामान को जब्ती बना रहे हैं और जो दुकानदार ज्यादा बहस करेगा उसका मनमर्जी चालान काट रहे है
जबकि हम लोग हर महीने नगर निगम के कर्मचारी आकर 200-500 वसूल कर ले जाते हैं और रशीद मांगने पर कल से दुकान मत लगाना बोलकर धमकी देते हैं आज कई दुकान बंद है तो नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा उन दुकानों का सामान जप्त कर लिया गया व एक दुकानदार जो की सीट कवर की दुकान लगाता है वह आज नहीं खुला था और नगर निगम के कर्मचारी है और उसका काउंटर समेत सारा सामान रोड पर फेंक दिए तो यह नगर निगम की तानाशाही रवैया कब तक हम गरीबों के ऊपर चलती रहेगी.

निगम की टीम को देखते ही दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गयी. नगर निगम के जवानों को देखते ही दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू ही किया था कि सामानों को जप्त कर लिया गया. इस दौरान दुकानदारों ने विरोध भी कियाआज नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा हम छोटे दुकानदारों से मनमाने ढंग से किसी का एक हजार, किसी का दो हजार, कीसी का तीन हजार का चालान काटा गया.

क्या सिर्फ नगर निगम को हम कमला नेहरू उद्यान के किनारे दुकान लगाने वाले ही दिखते हैं आप शहर मे बहुत सारी दुकान है और बड़े दुकानदार भी है जिनका का सामान आधे रोड में होता है उन बड़े दुकानदारों के ऊपर नगर निगम कार्यवाही क्यों नहीं करता या नगर निगम कर्मचारियों के कार्रवाई करने में हाथ पैर फुलते हैं आप नगर निगम कार्यालय के सामने ही देख सकते हैं नजारा नगर निगम के कर्मचारियों का आने जाने का वह रास्ता है लेकिन वहां आधे रोड पर समान होना दुकानों के सामने पार्किंग होना यह नगर निगम कर्मचारियों के कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाता हैं?
दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट :-
कमला नेहरू उद्यान के किनारे जूते, छतरी की दुकान लगाने वाले दुकानदार बजरंग अग्रवाल ने बताया कि :- रोजगार का एकमात्र साधन हमारा यही है. जीवन यापन का एकमात्र सहारा छोटी सी दुकान है, अब समझ नहीं आ रहा है कि परिवार का भरण-पोषण कैसे करें. नगर निगम के कर्मचारी आते हैं और हर महीना 200सौ 500सौ वसूल कर ले जाते हैं और रसीद मांगने पर रशीद भी नहीं देते हैं और आज 11:00 बजे नगर निगम की टीम आई 3000 हजार का चालान काटे. फिर मेरे द्वारा हाथ पैर जोड़ने पर उस .3000 हजार को 1000हजार किया गया. मै नगर निगम से कहना चाहता हूं कि हमें दुकान आवंटित किया जाए फिर हम कमला नेहरू उद्यान के किनारे दुकान नहीं लगाएंगे.

कमला नेहरू उद्यान के किनारे पर्दा की दुकान लगाने वाले दुकानदार ईश्वर देवांगन ने बताया कि :- मैं कमला नेहरू उद्यान के किनारे पर्दा की दुकान लगाता हूं हर महीने नगर निगम के कर्मचारी बिना रसीद के 200 से 500 तक वसूल कर ले जाते हैं मैं यहां पर्दा बेच कर दिन भर में 2 से 300 कमाता हूं और अपने परिवार का भरण पोषण करता हूं आज नगर निगम के कर्मचारी आए और दुकान हटाने को कहा वाह 1000 हजार दुकान का चालान काट कर दुकान हटाने के लिए बोल कर चले गए.

उद्यान के किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदार नारायण देवांगन ने बताया कि :- मैं पिछले 2 साल से पर्दे व कपड़े की दुकान लगा रहा हूं नगर निगम के कर्मचारी हर महीने 2 से ₹500 तक की अवैध वसूली करते है जिनका हमें किसी प्रकार का कोई रसीद नहीं दिया जाता है और आज नगर निगम के लोग आए और रोड बाधा के नाम पर हजार रुपए का चालान काटे मैं गरीब आदमी हूं पर्दे व कपड़े की दुकान लगाकर दिन में 200 से 500 तक कमाता हूं हमें उद्यान के किनारे से दुकान हटाया जा रहा है यह नगर निगम की दादागिरी है शहर में बड़े-बड़े दुकान है दुकान के बाहर सामान आधे रोड में रहता है लेकिन वह नगर निगम के कर्मचारियों को नहीं दिखता है हम जाएं तो जाएं कहां.
कमला नेहरू उद्यान के किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदार शर्मिंदर यादव ने बताया कि :- मैं पिछले कई सालों से बेल्ट पर्स का दुकान लगा रहा हूं आज नगर निगम के कर्मचारी आए और दुकान को यहां से हटाओ कहने लगे और रोड बाधा के नाम पर ₹1000 का जुर्माना काटे नगर निगम हमारे गरीबों के पेट पर लात मार रहा है अब दुकान को हटाया जा रहा है तो हम लोग अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे नगर निगम के कर्मचारी हर महीना आकर दो सौ से ₹500 तक अवैध तरीके से वसूल कर ले जाते हैं

कमला नेहरू उद्यान के किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदार ने अजय भास्कर बताया कि :- मेरे चाचा यहां सीट कवर की दुकान लगाते हैं तबीयत खराब होने के कारण आज दुकान नहीं खोले हैं नगर निगम के लोग आज आए और दुकान में तोड़फोड़ किए और सारा सामान रोड में फेंक दिया
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
