सारंगढ़-बिलाईगढ़; जिला शिक्षा अधिकारी की कड़ी सख़्ती और अद्वितीय नेतृत्व,,,

Sarangarh-Bilaigarh; District Education Officer’s strictness and unique leadership,,,

____जिला शिक्षा अधिकारी की सख़्ती से सुधरेगा शिक्षा का माहौल – गाताडीह शाला प्रकरण पर कड़ी कार्रवाई की पहल,,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़- सरसींवा:- जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का बीड़ा उठाए जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने एक बार फिर अपने कर्तव्यनिष्ठ, दूरदर्शी और निष्पक्ष प्रशासनिक निर्णयों से यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सच्चे प्रहरी और मार्गदर्शक हैं। दिनांक 20 अगस्त 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गाताडीह का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जब लापरवाही और अनुशासनहीनता की परतें खुलीं तो अधिकारी महोदय ने बिना देर किए कठोर रुख अपनाते हुए कारण बताओ सूचना जारी की।

निरीक्षण में सामने आईं कमियाँ:-

  1. विद्यालय में प्रार्थना सभा समय पर नहीं हुई।
  2. कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन नहीं किया जा रहा था।
  3. कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों की इकाई परीक्षा नहीं ली जा रही थी।
  4. प्राचार्य द्वारा नियमित शाला अवलोकन नहीं किया जा रहा था।
  5. कई शिक्षक व लिपिक समय पर विद्यालय उपस्थित नहीं हुए।
  6. व्याख्याता श्री डी.के. प्रधान लगातार कई दिनों तक अनुपस्थित पाए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी जेआर डहरिया ने स्पष्ट कहा कि:-


=== “शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और उसमें कोई भी ढिलाई अस्वीकार्य है।”
===”विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षक बख्शे नहीं जाएंगे।”

=== “समयपालन, अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता पर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।”

जिला शिक्षा अधिकारी डहरिया की तारीफ़ में उठी आवाज़ें:-

  • अभिभावकों ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्रों के भविष्य के लिए जो कठोर कदम उठाया है, वह ऐतिहासिक है।
  • शिक्षाविदों का मानना है कि ऐसे अधिकारी ही शिक्षा जगत में नई रोशनी लेकर आते हैं।
  • सामाजिक संगठनों का कहना है कि उनकी कार्यशैली ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण का जीवंत उदाहरण है।

यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि:- जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ शिक्षा के सच्चे प्रहरी, अनुशासन के पुरोधा और विद्यार्थियों के भविष्य के सशक्त रक्षक हैं। उनकी दूरदर्शिता, कठोर अनुशासन और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने पूरे जिले में एक नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया है। आज जब अधिकांश विभागों में लापरवाही आम हो चुकी है, तब सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी अपने कार्यों से यह साबित कर रहे हैं कि यदि अधिकारी ईमानदार और दृढ़निश्चयी हो तो शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में भी क्रांतिकारी सुधार संभव है।

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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