जांजगीर-चांपा ; रेत माफियाओं द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट,पत्रकारों में आक्रोश,,,,

____Janjgir-Champa; Journalist beaten up by sand mafia, journalists angry,,,,

जांजगीर-चांपा-बिर्रा :- छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से पत्रकारों के ऊपर जानलेवा हमला किया गया और जान से मारने की धमकी देकर मारपीट किया गया । मुकेश चंद्रकार की याद अभी गई नहीं जिसने छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित इलाके में चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया और उन्हें बेरहमी से मार दिया गया था, और अब फिर से पत्रकारों पर सच दिखाए जाने पर हमला किया जा रहा है।फिर से पत्रकारों के ऊपर हमला की खबर सामने आ रही है, जो प्रेस की आजादी और पत्रकारों के सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि देश में पत्रकारों की स्थिति कितनी गंभीर है लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की स्थिति ज्यादा निंदनीय और चिंताजनक है। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या छत्तीसगढ़ में अवैध तरीके से काम और भ्रष्टाचार की गिनती ज्यादा दिखाई पड़ती है जिसे उजागर करने के लिए पत्रकारों को अपनी जान हथेली पर ले कर चलना पड़ता है।

दरअसल पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले का है :- जहां बिर्रा थाना क्षेत्र के करनौद में ग्रामीणों द्वारा अवैध रेत परिवहन कर रहे टैक्टर को पकड़ने कि सूचना पर पत्रकार दुर्गाप्रसाद डडसेना खबर कवरेज करने पहुंचे,जहां खबर कवरेज करने के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन करने वाले रेत माफिया सूरज देवांगन और उसका नाबालिक बेटे द्वारा फोन को छीनकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने कि धमकी देते हुए मारपीट किये वही बीच-बचाव करने आये पत्रकार के भाई के साथ भी मारपीट किया गया।

वही पत्रकार दुर्गाप्रसाद डडसेना कि शिकायत पर रेत माफिया सूरज देवांगन और उसके नाबालिग बेटे पर मामूली धाराओं पर एफआईआर दर्ज हुई है,लेकिन पत्रकारों कि मांग हैं कि पत्रकार पर हमला गंभीर है इसपर जांच कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे रेत माफियाओं पर लगाम लगाया जा सके।
वही एफआईआर दर्ज होने के बाद रेत माफिया बौखला गया है,पुलिस द्वारा रेत माफिया के दो टैक्टर को जब्त कर बड़ी कार्यवाही करने कि बात सामने आ रही है,जिससे बौखलाए रेत माफिया पत्रकार को फंसाने षड्यंत्र रच रहा है,सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेत माफिया को एफआईआर दर्ज होने,टैक्टर जब्ती कि सूचना मिली तो रात को ही अपने स्कुटी को जबरदस्ती आग के हवाले कर दिया,वही एक महिला के साथ मिलकर झुठी शिकायत कराने कि तैयारी कि जा रही जिससे अपनी काली करतूत छुपाते हुए पत्रकार को षड्यंत्र पूर्वक फंसाया जा सके।

अब यह सवाल उठने लगे?

  1. आखिर रेत माफियाओं को संरक्षण किसका जिससे खुलेआम पत्रकारों के साथ मारपीट तक कर रहे?
  2. रेत माफियाओं पर अब तक कार्यवाही क्यूँ नहीं?
  3. रेत माफिया सूरज देवांगन का नाबालिग लड़का चला रहा था टैक्टर क्या इसपर अलग से होगी कार्यवाही?
  4. एफआईआर से बौखलाए रेत माफिया पत्रकार को फंसाने रच रहे षड्यंत्र,क्या इसपर होगी कार्यवाही?

✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️भ्रष्ट्राचारियों को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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