शासकीय भूमि पर जहरीले सांप की तरह कुंडली मारकर बैठा मधाईभांठा का उप सरपंच विनोद कुमार रात्रे,,,

Vinod Kumar Ratre, deputy sarpanch of Madhaibhatha, sitting coiled like a poisonous snake on government land.,,

___अवैध कब्जाधारी पर 2 वर्ष बीत जाने के उपरांत भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही,,,

___आखिर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों के हाथ क्यों कांप रहे कार्यवाही करने पर उठ रहा प्रश्न,,,

___अवैध कब्जाधारी उपसरपंच के ऊपर किसी प्रकार के कार्यवाही न होने से हो रहे हो हौसले बुलंद,,,

___अवैध कब्जाधारी उप सरपंच विनोद रात्रे पर कार्यवाही न होने पर भूख हड़ताल करने को मजबूर हो सकते हैं ग्रामवासी,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :– सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सरसींवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मधाईभाठा में उप सरपंच विनोद रात्रे के द्वारा किए गए शासकीय जमीन में अवैध कब्जा का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा का मामला बढ़ते जा रहा है दूसरी ओर शासन प्रशासन इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला इस स्थिति में आ पहुंचा है कि कोई जनप्रतिनिधि हो या रसूखदार व्यक्ति हो कहीं भी अगर खाली जगह दिखे (खाली मैदान से लेकर तालाब, स्कूल परिसर, श्मशान घाट, गौचर जमीन)तो वहां झंडा गाड़ने में तनिक भी समय नहीं लगाते हैं।

Vinod Kumar Ratre, deputy sarpanch of Madhaibhatha, sitting coiled like a poisonous snake on government land.,,

इसी तारतम्य में ग्राम पंचायत मधाईभाठा के उप सरपंच विनोद रात्रे के द्वारा जनता की सेवा करना छोड़ अवैध जमीन पर कब्जा कर मलाई खाने में लगे हैं ,शासकीय जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के चलते गांवों का विकास बाधित हो गया है। अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बेरोकटोक खाली मैदान से लेकर तालाब, स्कूल परिसर, श्मशान घाट, गौचर जमीन पर भी कब्जा कर रहे हैं। दिन-ब-दिन बढ़ रहे अतिक्रमण के चलते लोगों का चलना दूभर होता जा रहा है। लोगों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है।

आपको बताते हैं चले की एक तरफ जिला कलेक्टर धर्मेश साहू लगातार राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी को सख्त निर्देश देते रहे जिसमे खास कर शासकीय भूमि अतिक्रमण मामले को गंभीरता से लेकर पटवारियों को साफ हिदायत दिया गया की किसी भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हो रहा उसे तत्काल हटाए नहीं तो पटवारी पर कार्यवाही होंगी कहते निर्देश दिया था लेकिन आज उसका पालन होता दिखाई नहीं दे रहा यहां पटवारी की मिली भगत से ही शासकीय भूमि को अपने निजी भूमि के साथ शामिल कर कब्ज़ा कर लिया गया और कब्ज़ा हुए अब दो साल बीत चुके हैँ जाँच के दौरान कब्जाधारी दोषी पाया गया लेकिन ना तो कब्ज़ा हटाया गया और ना ही दोषी पर किसी प्रकार की कार्यावही हुई बल्कि मामला ठन्डे बस्ता मे चला गया

—: मधाईभाठा मे उप सरपंच जैसे जनप्रतिनिधि ही शासकीय भूमि पर किया कब्ज़ा,,,

आपको बता दे मधाईभाठा निवासी उज्जैन रात्रे,दीना जाटवर ने एक लिखित शिकायत दिया जिसमे लेख है कि विनोद कुमार रात्रे उपसरपंच ग्राम पंचायत मधाईभाठा द्वारा अपने व्यक्तिगत निजी स्वार्थ ग्राम पंचायत मधाईभाठा का उप सरपंच पद पर है और एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधी होकर “छ.ग. पंचायती राज अधिनियम की धाराओ ” घोर उल्लघंन कर धज्जियां उड़ाते हुए शासकीय भूमि का बेजा कब्ज़ा सत्र 2022 मे कर लिया है। जे.सी. बी. मशीन से खेत बनाकर अपने पट्टे की भूमि खेत खसरा नं. 848/2 रकबा 0.111 मे शामिल कर धान बोवाई किया है। जिसकी शिकायत अधिकारियो को दिया गया जिसमे बखूबी जाँच किया गया जिसमे दोषी भी पाया गया लेकिन शिकायत को दो वर्ष बीत गए अब तक किसी प्रकार की कोई कार्यावाही हुई और ना ही कब्ज़ा हटाया गया

—: अधिकारियो की उदासीनता के कारण शासकीय भूमि हो रहा अतिक्रमण,,,

अतिक्रमण का खेला जोरो से चल रहा क्योंकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे कई अधिकारी सिर्फ मलाई खाने मे लगे हुए हैँ यहाँ जिला कलेक्टर आदेश देते रहे अतिक्रमण रोकने के लिए और जब शासकीय जमीन का कब्ज़ा जैसे मामला अधिकारी तक पहुंच जाता है लेकिन शिकायत की फाइल रद्दी की कागज बन जाता हैँ हालकी शुरुआती दिनों मे मामले को गंभीरता से लिया जाता हैँ जाँच पूर्ण होते ही फाइल ठन्डे बस्ते मे चला जाता हैँ आखिर क्यों दोषी पर कार्यवाही नहीं हुई, आखिर कब्ज़ाधारी से अब तक कब्ज़ा क्यों नहीं हटाया गया, आखिर दो साल हो गए क्यों मामला रद्दी की कागज बन गया इस तरह के कृत्य से अधिकारियो की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे शासकीय भूमि का अवैध कब्ज़ा का सबसे बड़ा कारण अधिकारियो की उदासीनता बन चूका अब देखना यह होगा की अधिकारी जागते हैँ या फिर उदासीनता की चादर ओढे सोये रहते हैँ ? एवं अनावेदक बेजा कब्ज़ाधारी उपसरपंच ग्राम पंचायत मधाईभाठा जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के विरुद्ध 7 दिवस के भीतर विधिवत पंचायती राज अधिनियम के अनुसार पद से बर्खास्त की कार्यवाही की जावे अन्यथा भूख हड़ताल के लिए बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी ऐसा आवेदक के द्वारा ज्ञापन जिला कलेक्टर के नाम पर दिया गया है।

भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️

✍️कलम का बादशाह✍️

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