Memorandum submitted to the subdivisional officer to ban Holika Dahan, where Holika Dahan is an insult to women power,,,,,
जांजगीर-चांपा-मालखरौदा :- दिनांक 7 मार्च 2023 को नारी शक्ति महिला स्व सहायता समूह के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी मालखरौदा को सौंपा गया ज्ञापन, महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी ज्ञापन में उल्लेख किया है कि एक तरफ संपूर्ण विश्व में 8 मार्च को महिला सम्मान दिवस मनाया जा रहा है परंतु भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां होलिका दहन के नाम पर नारीत्व का अपमान जनक दहन किया जाता है। ऐसे कृत्य से महिलाओं को मान सम्मान को आत्मिक रूप से ठेस पहुंचती है।

महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने महापुरुषों को उदाहरण देते हुए कहां कि राजा राममोहन राय के द्वारा सती प्रथा का अंत किया किया गया था,महापुरूष ज्योतिराव फुले द्वारा नारी सम्मान एवं नारी शिक्षा का जनक माना जाते है एवं सावित्री बाई फुले द्वारा नारी शिक्षा को आगे बढाया एवं आज वर्तमान में नारी को हक व अधिकार हिन्दू कोड बिल से नारी का सम्पत्ती पर अधिकार एवं मताधिकार डा. भिमराव अम्बेडकर द्वारा किया गया है इसलिये उक्त कु प्रथाओं का अंत किया गया है।

आइए जानते हैं मालखरौदा की जागरूक महिला शक्ति स्व सहायता समूह द्वारा दिए गए ज्ञापन में क्या उल्लेखित किया गया:–
उपरोक्त विषय मे लेख है कि हम नारी जो कि पुरे विश्व मे 08 मार्च को महिलाओ के सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। किन्तु भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जहां होली का त्योहार मे महिला के नाम से होलिका दहन कर नारीत्व का अपमान जनक दहन के रूप मे किया जा रहा है। जिससे हम महिलाओं को मान सम्मान को आत्मिक रूप ठेस पहुँचती है एवं वर्तमान में नारी समानता कि बात सवैधानिक रूप से सम्मान अधिकार दिया है जिससे होलिका दहन करने पर सभी विश्व के नारी जाति का अपमान महसुस हो रही है। इस पारम्परिक रूप से मनाये जाने हेतू यह त्योहार है। जिससे भारत की महिलाओं का अपमान एवं नारी समाज कि सम्मान को ठेस पहुंचती है। इसलिये हमारे पूरे अनुविभाग में होली दहन न करने कि प्रतिबंध करने कि कृपा करे।
अतः ऐसे अमानवीय पर्व पर होलिका दहन की प्रथा पर प्रतिबंध लगाने कि व नारी शक्ति समाज मालखरौदा द्वारा उचित कार्यवाही करने की मांग करती है।
टीप:- हमारे सम्मानीय महापुरुषों राजाराम मोहन राय द्वारा सतीप्रथा का अंत किया गया था। एवं महापुरूष ज्योतिराव फुले द्वारा नारी सम्मान एवं नारी शिक्षा का जनक माना जाते है एवं सावित्री बाई फुले द्वारा नारी शिक्षा को आगे बढाया एवं आज वर्तमान में नारी को हक व अधिकार हिन्दू कोड बिल से नारी का सम्पत्ती पर अधिकार एवं मताधिकार डा. भिमराव अम्बेडकर द्वारा किया गया है इसलिये उक्त कु प्रथाओं का अंत किया गया है। इसलिये होलिका दहन पर रोक लगाने कि कृपा करे। ताकि विश्व मे नारी सम्मान के अच्छी संदेश पहुचे
भ्रष्ट्राचारियो को,,,
✍️जब तक तोड़ेंगे नहीं 📝तब तक छोड़ेंगे नहीं✍️
✍️कलम का बादशाह✍️
